श्रीमान जी का बहुत-बहुत धन्यवाद हम ग्राम बकाही पोस्ट ककराही जिला सोनभद्र U.P. आप स कुछ कहना चाहते हैं गांव को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्राम प्रधानों के ऊपर उचित कार्रवाई की जरूरत है क्योंकि गांव में शिक्षा का अभाव होने के कारण व्यक्ति विरोध नहीं कर पा रहा इस लिए हम यह चाहते हैं की हमारे गांव की स्थिति तकरीबन में 30 सालों से देख रहा हूं कि बहुत कुछ अंतर नहीं रहा जैसा तैसा चल रहा है हम यह चाहते हैं कि सरकार का ध्यान इस गांव पर भी पड़े और कुछ खास हो धन्यवाद
Fo Man ki Baat - it's really good to do baat what janta wants to say, what everybody wants to talk about. I also want to discuss mere man ki baat through you.
Even today girls are not allowed to do job after marriage. Even they are doing great in their careers. They are forced not to do jobs after marriage by both parents and in-laws. This is the issue facing by the well established and educated families. This is soo disappointing.
I hope this issue will also be discussed.
श्रीमान जी बहुत-बहुत धन्यवाद आपके द्वारा दिए गए हर पल मूल्यवान है हमारी योग्यता नहीं कि आपकी विचारों और बातों पर टिप्पणी कर सकें हम कुछ कहना चाहते हैं आप जैसे व्यक्ति पर यकीनन शक करने की कोई गुंजाइश ही नहीं है पर हम चाहते हैं कि जो देश राज्य समाज विकास के रास्ते पर जा सकता है वह है गांव और गांव की हालत ऐसी है कि लोग चुनाव के माध्यम से एक रोजगार का रास्ता बना लिया धन कमाने का रास्ता बना लिया है प्रधानों के ऊपर जांच हो सरकार द्वारा दिए गए धन की उचित जगह मूल्यांकन हो ऐसा चाहते हैं हम धन्यवाद
Pradhanmantri ji Bharat Sarkar Ke Garden ki bhi Halat bahut satata hai tractor 12 ghante duty mein 8 ghante ke paise Garden ko deta ki ki bharti Hona chahie private sector mein Unka 2 ka government ko Bima kara Dena chahie Gora Nagar yah to vah Bima Pune aur Garden ko bhi pure pure paise mil sake tractor bahut jyada kha Jaate Hain vah 30 Din Ki duty Karvate Hain Ek Bhi Na Tu Bhulna Diwali Kabhi Bhi chhutti Nahin Mil paati Sar mahoday main aapse request Karta Hun Ki is istthi ko sudhara Jaaye
माननीय प्रधानमंत्री जी मे आपसे अनुरोध करता हु की प्राइवेट कंपनियो में काम करने वाले मजदूरों की ओर भी ध्यान दीजिए।महोदय कॉन्टेक्ट सिस्टम को खत्म करवाइये क्योंकि कंपनी ठेकेदार को 12500 प्रतिमाह देती है लेकिन मजदूर को 8000 बड़ी मुश्किल से मिलते है । 12 घंटे के,सर सरकार को पूरे देश मे हर छेत्र जैसे वेल्डर हेल्पर सेक्युरिटी गार्ड सभी को ऐप्प के माध्यम से मजदूरों को जोड़ देना चाइये ओर यही ऐप्प कंपनियों के पास भी होनी चाहियेअगर वेकेंसी निकलती के तो आसपास के मजदूरो के पास मेसेज चलजाएगा ओर मजदूर आ जाएंगे।
बीमारी से ज्यादा अब आर्थिक हालात जानलेवा हो गए है। शिक्षा का बुरा हाल है। स्कूलों के लिए कोई गाइडलाइन नही है, ना स्कूलों में मास्क, सेनेटाइजर दिए गए। बेरोजगारी बढ़ रही है और बेरोजगार भूख से मार रहे है।
एक बेरोजगार
अगर मास्क कारगर है तो 6 फिट की दूरी क्यों ?
अगर 6 फिट की दूरी कारगर है तो मास्क क्यों ?
अगर यह दोनो कारगर है तो लाक डाउन क्यों ?
अगर यह तीनो कारगर है तो वेक्सिन क्यों ?
अगर वेक्सिन कारगर है तो फिर वेक्सिन से मौत क्यों ?
वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड पॉजिटिव क्यों ?
वैक्सीनेशन के बाद मौत होने पर जिम्मेदारी किसकी ?
अगर इसके बाद भी वैक्सीन सच में कारगर है तो फिर से लाक डाउन , नाइट कर्फ्यू क्यों ?
अगर सोशल डेस्टेंसिंग इतना ही जरूरी तो लाखो की राजनीतिक रैली क्यों ?