Dayal gope
8 years 1 month ago
यह मेरे द्वारा लिखी गई कविता है जो गंगा भारत के राष्ट्रीय धरोहर है , जीवनदायिनी ,पापमोचनी उसके बारे में मेरे दो शब्द| मैंने बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और मैं समाज के हित के लिए छात्र- छात्राओं को निशुल्क शिक्षा दे रहा हूं ,मेरा एक ही Moto है "शिक्षा के साथ समाज कल्याण" |मै छात्रों के लिए अच्छी शिक्षा की व्यवस्था की है और साथ ही उसे डिजिटल के साथ टेक्निकल शिक्षा भी प्रदान कर रहा हूं मेरा नाम दयाल गोप ,चन्द्रपुरा ,बोकरो ,झारखंड का निवसी हुँ
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