RakeshKumarPandey
1 year 9 months ago
इतने संघर्ष के बाद भी मैं टूटा नहीं हूं और सनातन का प्रचार प्रसार "हिंदु राष्ट्र" की मांग और सनातन के सरकार की उपलब्धियों को प्रचारित करना आज भी जारी रखा हूं। और इसके एवज में किसी से एक रूपए नहीं मांगा और न ही लिया। क्यों की जो मदद करना चाहते है ओ मदद नहीं वास्तव में मुझे खरीदना चाहते है, जिसके बाद मेरी आवाज भी कमजोर पड़ने लगेगी, लेकिन लाखों जिल्लतों को सहने के बाद भी मैं किसी के सामने नहीं झुका अपना आवाज बुलन्द रखा।
आज स्थिती यह है की न तो खाने को भोजन है न ही रहने को ठिकाना, संघर्ष करते करते शरीर भी एकदम कमजोर पड़ चूका है, आज 5 सालों से मेरा हाइड्रोसिल बढ़ा हुआ है संघर्ष इतना कड़ा रहा की 5 सालों में भी एक ऑपरेशन या मेडिसिन नही लेपया लेकिन अब लग रहा है की यह असाध्य बीमारी बन चुका है, इस लिए जिंदगी कभी कोई भरोसा नहीं रहा। आज मेरी पत्नि को भी गलती का एहसास हो गया ओ भी वापस आ गईं। और आपके आशीर्वाद से सच जीत गया।
लेकिन सब बाधा बिध्नो को पार कर आज भी सनातन के सेवा में और भारत को हिंदु राष्ट्र बनाने के मांग पर अडिग हूं। अगर थोड़ी सुविधा मील जाए तो ये दास और मन लगाकर अपकी भक्ति कर सकत
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