Dr Usha Shukla
5 years 9 months ago
साँस चल रही तेरी,
ये सिद्ध कर।
पीठ मत दिखा कि
जूझ युद्ध कर।
दुन्दुभी बजी कहीं कि
छोड़ना नहीं अभी।
फर्ज से कहीं कभी मुँह
मोड़ना नहीं अभी।
फौलाद सा शरीर तो
सुवर्ण सा तू मन बना।
देश के लिए लगन हो
अखंड कर्मसाधना।
दंभ,द्वेष,द्वंद्व से जो
जूझ कर लड़े।
कुरीति के विरोध में
जो सदा खड़े।
फिट वही कहाएंगे जो
सबका हित करें।
देश के लिए जिएं जो
देश के लिए मरें।
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