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ओपन एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस नीति से सम्बंधित सुझाव दें और सरकारी संगठनों में इसको कार्यान्वित करने का तरीका सुझाएँ

Give your inputs on the Open Application Programming Interface (API) policy and suggest implementation approach across the government
आरंभ करने की तिथि :
Jan 01, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 11, 2014
04:15 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

डाटा, एप्लीकेशन और संसाधन के अंतर्संचालनीयता के लिए पारिस्थितिकी ...

डाटा, एप्लीकेशन और संसाधन के अंतर्संचालनीयता के लिए पारिस्थितिकी तंत्र बनाने हेतु सरकारी संगठन द्वारा प्रदान किये जाने वाले ओपन एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफ़ेस के लिए एक नीति तैयार करने की जरूरत है। “भारत सरकार के लिए ओपन एपीआई" नीति का निर्माण सरकारी संगठनों में ओपन एपीआई के औपचारिक प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए किया गया है। यह नीति सभी ई-शासन संबंधी एप्लीकेशन और प्रणाली के सॉफ्टवेयर अंतर्संचालनीयता को बढ़ावा देने और डाटा और सेवाएँ नागरिकों और अन्य हितधारकों को उपलब्ध करा कर उनकी भागीदारी को बढ़ाने के लिए ओपन एपीआई का प्रयोग सरकार द्वारा कैसे किया जाना चाहिए इसके बारे में जानकारी प्रदान करती है।

हम नीति और सरकारी संगठनों में इसको कार्यान्वित करने हेतु अपने सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

ओपन एपीआई नीति के बारे में विस्तृत जानकारी यहाँ से प्राप्त करें - http://mygov.in/uploads/documents/Draft_Policy_on_Open_APIs.pdf

सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 10 नवम्बर 2014 है।

फिर से कायम कर देना
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Akshay Jain
Akshay Jain 11 साल 7 महीने पहले
Honorable P.M ...I can't giv u advice but as Common man i can only tel that the "Swatch Bharat campaign" shud be launched on massive large scale operation to realise ur dream of making India Clean by 2019. For that I am of the opinion that there shud be a bill passed in Parliament where in State govt has to compulsorily take Initiative for this Historic campaign.Hope this campaign don't end as a Photo Operation.Hope u become P.M again in 2019.
Rakesh Dubey
Rakesh Dubey 11 साल 7 महीने पहले
जगा देता और फिर लोगो को उस से डराता था... लोग खुद से निकल कर देना चालू कर देते... कुछ दूर जाकर वो लोग दुसरे डिब्बे में चले गए... लोगो ने रहत सांस ली...फिर क्या था एक नई समस्या फिर खड़ी हो गयी... अब कौन था आप सब पूरी तरह परिचित हैं ...ये है "हिजड़े" जो आज कल के गुंडे भी इनके सामने फीके पड़ जायें...ये तो किसी १० रूपये से कम तो लेते ही नहीं...जिसने नहीं दिया उसको थप्पड़ -थप्पड़ मारना चालू, अपने कपडे उठा कर बेशर्मी की हदे पार कर के महिला पुरुष सब के सामने अपना लिंग दिखाना शुरू कर देते है लोगो को...आगे और