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केंद्रीय उत्पाद विधेयक, 2024 पर सुझाव आमंत्रित

 केंद्रीय उत्पाद विधेयक, 2024 पर सुझाव आमंत्रित
आरंभ करने की तिथि :
Jun 07, 2024
अंतिम तिथि :
Jun 26, 2024
18:15 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने 'केंद्रीय उत्पाद ...

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने 'केंद्रीय उत्पाद विधेयक, 2024' का मसौदा तैयार किया है। यह नया मसौदा विधेयक पुरानी केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 को बदलकर एक व्यापक और आधुनिक केंद्रीय उत्पाद कानून लाने का उद्देश्य रखता है। परामर्श प्रक्रिया का प्राथमिक ध्यान एक ऐसा कानून बनाने पर है जो व्यापार करने में आसानी को ध्यान में रखे और अनावश्यक प्रावधानों को हटा दे। मसौदा विधेयक में 12 अध्याय, 114 (एक सौ चौदह) धाराएँ और दो अनुसूचियाँ शामिल हैं।

आपके सुझाव/टिप्पणियाँ/विचार इस मसौदा विधेयक पर एक कुशल, स्पष्ट और व्यापार-अनुकूल कानून को आकार देने की पूर्व-विधायी परामर्श प्रक्रिया में आमंत्रित हैं, जिसे MyGov प्लेटफार्म पर प्रस्तुत किया जा सकता है।

भाग लेने का तरीका:

1. CBIC की वेबसाइट पर 'केंद्रीय उत्पाद विधेयक, 2024' का मसौदा यहाँ देखें
2. अपने सुझाव/टिप्पणियाँ/विचार निम्नलिखित प्रारूप में 26 जून 2024 तक प्रस्तुत करें।

क्रमांकविधेयक के ड्राफ्ट की खण्ड संख्याखण्ड का शीर्षकप्रस्तावित संशोधन, यदि कोई होकारण, कॉमेंट या विचार

फिर से कायम कर देना
546 सबमिशन दिखा रहा है
Yogesh Selarka
Yogesh Selarka 2 साल 6 दिन पहले
Dear Sir, like one nation one election... Taxation return filing also should be once.... for All taxes... decide one common month to file all returns.. may be it Individual /Corporate /Gst.... All return filing should in one perticular month,so people can plan accordingly and focus on business rest of the year....
Shubhodeep Goswami
Shubhodeep Goswami 2 साल 6 दिन पहले
महू खंडवा अकोला गेज कन्वर्जन इंदौर दाहोद रेलवे लाइन इंदौर धार छोटा उदेपुर रेलवे लाइन इंदौर मनमाड़ रेलवे लाइन इंदौर जबलपुर रेलवे लाइन उज्जैन आगर झालावाड़ नई रेलवे लाइन खंडवा खरगोन अलीराजपुर रेलवे लाइन जल्द से जल्द पूर्ण हो।
VINEET SHILPI JAN SEWA SAMITI BALRAMPUR
VINEET SHILPI JAN SEWA SAMITI BALRAMPUR 2 साल 6 दिन पहले
यह बिल देश की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने में सफल प्रयास है! किन्तु सरकार को आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए विवेक से काम लेना चाहिए
RahulMajoka
RahulMajoka 2 साल 6 दिन पहले
नमस्कार सर आप किसानों को जो पेंशन दे रहे हैं उसे आप बंद क्यों नहीं करते वह आपके खिलाफ आंदोलन करते रहते हैं। इसकी बजाय जो गरीब रिकक्षा चालक है जो मजदूरी करता है, सिर ओर कंधो पर बोझा उठाता है। बहुत गरीब इंसान है, उसको पेंशन दी जाए। उनकी बजाये महिलाओं को ईस किस्त का आधे से भी कम दोगे तो वो बहुत खुश हो कर आपका साथ देगी। वह आपको खूब खूब आशीर्वाद देंगे।
Gulshan kumar
Gulshan kumar 2 साल 6 दिन पहले
The Central Excise Bill is a legislative proposal to reform India's excise duty system. It seeks to simplify the excise duty structure, enhance compliance through digital solutions, and foster a business-friendly environment. Key changes include aligning definitions and procedures with GST law, extending the time limit for duty recovery, and reducing excise duty rates on certain products. The bill aims to repeal the old Central Excise Act of 1944 and improve efficiency in the taxation of excisable goods.
Thimmappa Boya
Thimmappa Boya 2 साल 6 दिन पहले
The Central Board of Indirect Taxes & Customs (CBIC), Department of Revenue, Ministry of Finance, invites suggestions on the draft ‘Central Excise Bill, 2024’ from stakeholders by 26th June 2024. The CBIC has prepared a draft ‘Central Excise Bill, 2024.’ Once enacted, the Bill shall replace the Central Excise Act, 1944. The Bill aims to enact a comprehensive modern central excise law with an emphasis on promoting ease of doing business and repealing old and redundant provisions. The Bill comprises twelve chapters, 114 (one hundred and fourteen) sections and two schedules.
mygov_1718469355113092501
suryakant
suryakant 2 साल 6 दिन पहले
केंद्र सरकार को मेरा विशेष सुझाव है की बो ऐसे सभी भारतीय नागरिकों का कर्जा माफ़ कर दे जिनके पास ना कृषि भूमि है ना ही सरकारी जॉब है ना ही आमदनी का कोई ठोस आधार है लेकिन उनके द्वारा छोटे छोटे लोन ले रखे है जो उनके सिबिल को प्रभावित कर रहे है। में ये जानता हूं की मेरी ये बात कोई नहीं सुनेगा ना ही ये पूरी हो सकती है क्यों की मोदी सरकार गरीब मजदूर की पीड़ा नहीं समझ सकती है।
BASANT KUMAR MOHAPATRA
BASANT KUMAR MOHAPATRA 2 साल 6 दिन पहले
एक देश एक नियम के तहत एक्साइज बिल को लाना चाहिए। भौगलिक स्थिति को विचार करना होगा। देश के विकास और लोगों के हित, दोनों को देखना भी इस बिल में प्रावधान होनी चाहिए।