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जनता को सप्ताह में एक दिन पेट्रोल/डीजल का इस्तेमाल न करने के लिए प्रोत्साहित/प्रेरित करने हेतु सुझाव आमंत्रित हैं

Inviting Suggestions to Encourage / Motivate the Masses to Avoid Petrol/Diesel Use for One Day in a Week
आरंभ करने की तिथि :
Mar 31, 2017
अंतिम तिथि :
Apr 16, 2017
12:00 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

वर्ष 2015-16 के दौरान घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत ने आयात पर 4.82 लाख ...

वर्ष 2015-16 के दौरान घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत ने आयात पर 4.82 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। आयात का बोझ कम करने के लिए और बेहतर पर्यावरण के लिए, जनता को सप्ताह में एक दिन पेट्रोल/डीजल का इस्तेमाल न करने के लिए प्रोत्साहित/प्रेरित करने का प्रस्ताव है।

हमारे माननीय प्रधान मंत्री ने सभी नागरिकों से सप्ताह में एक दिन के लिए पेट्रोल / डीजल के इस्तेमाल से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि अगर 125 करोड़ भारतीयों ने ऐसा करने की प्रतिज्ञा की, तो 'न्यू इंडिया' का सपना हासिल किया जा सकता है।

हर हफ्ते एक दिन के लिए, जनता को पेट्रोल/डीजल का इस्तेमाल न करने के लिए, त्साहित/प्रेरित करने के तरीकों का सुझाव देने के लिए आप सब आमंत्रित हैं।

सुझाव देने की आखरी तारीख 8 अप्रैल, 2017, दोपहर 12 बजे तक है|

फिर से कायम कर देना
827 सबमिशन दिखा रहा है
Amod Kumar Rai
Amod Kumar Rai 9 साल 2 महीने पहले
एक दिन तो गुजारो पेट्रोल के बिना दम घुटता है बहुत धुओं के समंदर में दिन बीतता है बेचैनियों खांसियों और तकलीफों के भंवर में घुटती हैं साँसे अब अपने ही शहर कि हवा में सुनो अब मन कि बात एक दिन तो गुजारो अपनों के लिए वे जो कल पुष्प खिलने है क्या उनके लिए छोड़ जाओगे जहरीली हवाओं के कुम्भ या फिर गुजारो एक दिन पेट्रोल के बिन गुजारो कि अब धरती और गगन छटपटा रहे हैं शुद्ध हवाओं के लिए तकती है वसुंधरा तुम्हारे मनोरथ कों संकल्पों कों कि कुछ दिन तो गुजारो पेट्रोल बिन
Sandeep Uniyal
Sandeep Uniyal 9 साल 2 महीने पहले
जैसे बड़ी बड़ी यूनियन पुरे भारत में सामूहिक हड़तालों पर जा कर अपनी मांगों को मनवाने का कार्य करती है, भारत सरकार को भी इनके ऊपर राष्ट्र के प्रति दायित्वों को जरुरी कर देना चाहिए | सभी यूनियन, संस्थाएं, संगठनों को एक दिन पेट्रोलियम पदार्थ के प्रयोग को रोकने के लिए आगे आना चाहिये | बल्कि उस दिन पुरे भारत में राष्ट्रिय स्तर स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति सार्वजनिक कार्य का आयोजन किया जाना चाहिए |
Sandeep Uniyal
Sandeep Uniyal 9 साल 2 महीने पहले
जब तक नागरिकों को समझ नहीं आएगा कि प्रत्येक नागरिक भारत है,उसका हर कर्म भारत के भविष्य को प्रभावित करता है,चाहे नागरिक गरीब हो अमीर हो सबके छोटे से छोटे कदम से भारत का भविष्य बनेगा, जब तक सभी नागरिक भावनात्मक रूप से भारतीयता से नहीं जुड़ेंगे तब तक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी, अपनी मांगों के लिए लोग सामूहिक हड़ताल पर चले जाते है बैंक कर्मी इसके उदहारण है, उसी प्रकार भारत के उज्जवल भविष्य के लिए एक दिन यदि हम पेट्रोल, डीजल का उपयोग न करें, तो ये छोटा सा योगदान भी बड़ा कदम साबित होगा..
Ankit Ashok Todi
Ankit Ashok Todi 9 साल 2 महीने पहले
High petrol loss and Pollution are caused due to traffic jam everyday due to same timing of group of companies leaving their employee everyday ,this can be overcome by scheduling different timing for each companies so that there would be less traffic and less pollution Eg. If 15 companies leave their employee at 6pm so it can be scheduled to 5companies at 4pm other 5companies at 5pm and other 5companies at 6pm this may reduce traffic jam
Manoj H
Manoj H 9 साल 2 महीने पहले
As there would be many alternatives,few prominent ones that i like to suggest are, 1. Prefer Bicycle to reach office workplace and college one day a week . 2. Car-Pooling with colleagues, friends, flatmates once a week. 3. Use public transport and metro train services once a week. 4. Also put off the engine when your car/ bike are being idle in traffic for more than few minutes, in traffic signals etc. these steps will greatly reduce the consumption of petrol/diesel on a larger scale.
sunil agarwal
sunil agarwal 9 साल 2 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आपको बहुत-बहुत वंदना प्रणाम जिसकी वजह से आज भारत वासियों में देश के प्रति देश भावना की इच्छा जागी है मैं आज इस पत्र के माध्यम से आपसे एक अति महत्वपूर्ण विषय पर संवाद करना चाहता हूं क्योंकि हमारा देश आज के समय में बहुत सारे रिफॉर्म्स से गुजर रहा है इसलिए एक रिफार्म के ऊपर चर्चा करना अति आवश्यक है महोदय जी मैं आपके समक्ष सड़क दुर्घटनाओं का विषय के बारे में चर्चा करना चाहता हूं हमारे भारत देश में गत वर्ष करीब 4.50 लाख लोगों कि मृत्यु हुई सड़क दुर्घटनाओं व कर
Manish Singh
Manish Singh 9 साल 2 महीने पहले
As motivational encoragement I suggest following: 1) Offices can promote and acknowledge such people who do not use petrol diesel for a day...like "Environmental star for the day" with token of appreciation etc... 2) Each mkt/university area can have one day etc. are not encouraged for once a week.(but with proper parking outside) 3) To promote culture of walking in long run govt can create dedicated walkways in more movement area...
ANANT BANSAL_1
ANANT BANSAL_1 9 साल 2 महीने पहले
The best idea can be a device can be manufacturef which converts kinetic centfifugal energy into electrical energy and this energy which will be produced by rotating of wheels of a bicycle can be used to charge a mobile phone and because of this reason people will use bicycles for short distances which will save electricity along with fuel. It will be a good idea because in day to day life a lot of electricity and fuel is wasted on smartphones and vehicles.