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मसौदा आईआईएम विधेयक 2015

Give your inputs/suggestions on Draft IIM Bill 2015
आरंभ करने की तिथि :
Jun 10, 2015
अंतिम तिथि :
Jun 25, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रस्तावित आईआईएम विधेयक 2015, अहमदाबाद, कलकत्‍ता, बंगलौर, लखनऊ, इंदौर, ...

प्रस्तावित आईआईएम विधेयक 2015, अहमदाबाद, कलकत्‍ता, बंगलौर, लखनऊ, इंदौर, कोझीकोड, शिलांग, रायपुर, रांची, रोहतक, काशीपुर, तिरूचिरापल्‍ली और उदयपुर में स्थित वर्तमान 13 भारतीय प्रबंध संस्‍थानों को सांविधिक दर्जा प्रदान करने का प्रस्‍ताव करता है और उन्‍हें राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थान घोषित करता है जिससे ये संस्‍थान उनके द्वारा चलाए जा रहे शैक्षिक पाठ्यक्रमों में अपने छात्रों को डिग्री प्रदान करने में समर्थ हो सकें। अब तक ये संस्‍थान प्रंबधन में केवल प्रमाण-पत्र, स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा और अध्‍येता कार्यक्रम ही प्रदान कर सकते हैं जिनमें शैक्षिक और अनुसंधान के क्षेत्र में वैश्‍विक स्‍वीकार्यता की कमी रही है। प्रबंधन में स्‍नातकोत्‍तर डिप्‍लोमा बाजार में उपयुक्‍त रोजगार के साथ-साथ विद्यार्थियों की भर्ती के संबंध में औपचारिक डिग्री के अभाव में अपेक्षाकृत निष्‍प्रभावी था लेकिन प्रबंधन में अध्‍येता कार्यक्रम रोजगार बाजार, विशेष रूप से संकाय की नियुक्तियों में पीएचडी के समान दर्जा प्राप्‍त नहीं कर पाया। इसके परिणामस्‍वरूप , प्रबंधन में अध्‍येता कार्यक्रम (पीएचडी के समकक्ष), औपचारिक डिग्री के अभाव में , प्रतिभावान छात्रों को आकर्षित करने में समर्थ नहीं रहा है। प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में सशक्‍त अनुसंधान विकसित करने की आवश्‍यकता है और देश में प्रबंध संस्‍थाओं को प्रभावित करने वाली संकाय की कमियों का समाधान करने की भी आवश्‍यकता है। यह प्रस्‍तावित विधेयक इस अंतर को पूरा करेगा।

मसौदा आईआईएम विधेयक 2015

मसौदा आईआईएम विधेयक 2015 पर अपने इनपुट्स/सुझाव दें।

आप अपने विचार 24 जून, 2015 तक साझा कर सकते हैं।

फिर से कायम कर देना
258 सबमिशन दिखा रहा है
Pramod Tiwari
Pramod Tiwari 11 साल 6 दिन पहले
Its really a great move. We can have provision that each passed out student should work with Government organizations or Government for at least a year and put a research paper on the problem being faced and their solutions. Bright students can then be recruited by Governmentin national interest.
Nagendra Kumar Verma
Nagendra Kumar Verma 11 साल 6 दिन पहले
During my small journey to Germany I have seen,if we will buy a water bottol of 1 euro ,after drinking water we can return empty bottol and can get approx 16 cent back,it was also aplicable for drinks like coke etc.so why we can't apply this idea in india.it will lead to our swachha bharat abhiyan, if people will get few rupee back on behalf of empty bottol they will not shrow it and can save few money , we can avoid soil polution and other related problems also.