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विद्यार्थियों के अधिगम परिणामों में सुधार लाने के लिए स्कूपल शिक्षा में विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी के अध्यापन के लिए नया ज्ञान, शिक्षा शास्त्र और दृष्टिकोण

New Knowledge, pedagogies and approaches for teaching of Science, Maths and Technology in School Education to improve learning outcomes of Students
आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

दसवीं बोर्ड परीक्षा में 80% छात्र विज्ञान और गणित (अंग्रेजी) में कमजोर ...

दसवीं बोर्ड परीक्षा में 80% छात्र विज्ञान और गणित (अंग्रेजी) में कमजोर अध्यापन की वजह से फेल होते हैं। उच्चतर माध्यामिक स्तर पर विज्ञान विषय में कम दाखिला और गुणवत्ता रहित शिक्षा, देश में वैज्ञानिक कार्मिकों के विकास में बाधा है। विज्ञान और गणित शिक्षा में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। हमसे यह अपेक्षित है कि हम विचार-विमर्श करके बेहतर परिणामों के लिए शिक्षण- अधिगम प्रक्रियाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के वास्ते पाठ्यचर्या, अध्यापन और अधिगम स्तर में सुधारके लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के मामलों में अभिनवता तथा विविध दृष्टि‍कोणों के लिए व्यावहारिक कार्यनीतियां तलाशनी होंगी।

फिर से कायम कर देना
712 सबमिशन दिखा रहा है
Sanjeev Singh_2
Sanjeev Singh_2 11 साल 2 महीने पहले
वास्तव में जब तक पिण्ड और ब्रह्माण्ड के तुलनात्मक अध्ययन के साथ उसमें आपस में तालमेल बनाये रखने हेतु पृथक्-पृथक् पिण्ड और ब्रह्माण्ड की यथार्थतः प्रायौगिक और व्यावहारिक जानकारी तथा ब्रह्माण्डीय विधान मात्र ही पिण्ड का भी विधि-विधान यानी स्थायी एवं निश्चयात्मक विधि-विधान ही नहीं होगा तथा एक मात्र ब्रह्माण्डीय विधि-विधान को अध्ययन पद्धति या शिक्षा प्रणाली के रूप में लागू नहीं किया जायेगा, तब तक अभाव एवं अव्यवस्था दूर नहीं किया जा सकता है, कदापि दूर हो ही नहीं सकता ।
Sanjeev Singh_2
Sanjeev Singh_2 11 साल 2 महीने पहले
जब तक समाज में विद्यातत्त्वम् पद्धति लागू नहीं की जाएगी तब तक वर्तमान में फैले झूठ-चोरी-भ्रष्टाचार-भेदभाव-आतंकवाद-उग्रवाद-माओबाद, धर्म के नाम पर फैले आडम्बर-ढोंग-पाखण्ड को समूल समाप्त नहीं किया जाएगा तब तक सत्य-धर्म-न्याय-नीति-सदाचार-संयमी-अनुशासित-ईमान-खुशहाल वसुधैव कुटुम्बकम् समृद्धि से युक्त समाज की कल्पना ही नहीं की जा सकती है।
Braj Bihari
Braj Bihari 11 साल 2 महीने पहले
जब तक समाज में विद्यातत्त्वम् पद्धति लागू नहीं की जाएगी तब तक वर्तमान में फैले झूठ-चोरी-भ्रष्टाचार-भेदभाव-आतंकवाद-उग्रवाद-माओबाद, धर्म के नाम पर फैले आडम्बर-ढोंग-पाखण्ड को समूल समाप्त नहीं किया जाएगा तब तक सत्य-धर्म-न्याय-नीति-सदाचार-संयमी-अनुशासित-ईमान-खुशहाल वसुधैव कुटुम्बकम् समृद्धि से युक्त समाज की कल्पना ही नहीं की जा सकती है।
Braj Bihari
Braj Bihari 11 साल 2 महीने पहले
वास्तव में जब तक पिण्ड और ब्रह्माण्ड के तुलनात्मक अध्ययन के साथ उसमें आपस में तालमेल बनाये रखने हेतु पृथक्-पृथक् पिण्ड और ब्रह्माण्ड की यथार्थतः प्रायौगिक और व्यावहारिक जानकारी तथा ब्रह्माण्डीय विधान मात्र ही पिण्ड का भी विधि-विधान यानी स्थायी एवं निश्चयात्मक विधि-विधान ही नहीं होगा तथा एक मात्र ब्रह्माण्डीय विधि-विधान को अध्ययन पद्धति या शिक्षा प्रणाली के रूप में लागू नहीं किया जायेगा, तब तक अभाव एवं अव्यवस्था दूर नहीं किया जा सकता है, कदापि दूर हो ही नहीं सकता ।
Kamal ji
Kamal ji 11 साल 2 महीने पहले
parampujya Sant Gyneshwar Swami Sadanand ji Paramhans ke anusar 1 . शिक्षा (Education) 2 . स्वाध्याय (Self Realization) 3 . अध्यात्म (Spiritualization) और 4 .तत्त्वज्ञान ; (True, Supreme & Perfect KNOWLEDGE) अथवा विद्यातत्त्वम् पद्धति ।
VDA_0
JDU_2
VTC_1
Gopneey
kunal_12
kunal_12 11 साल 2 महीने पहले
allow the new subject Vedic mathematics for schools because child are not mentally prepare in maths formulas and calculation. Vedic maths help us in mathematical calculation in easy way and easy to understand. After all each person some time mistake in calculation because calculations digits are more then time longer so peoples are not easy to understand. then come the Vedic mathematics formulas helps calculation easily and mathematics tricks are easily help in competitive exams for candidate.
Prakash KC
Prakash KC 11 साल 2 महीने पहले
1 . शिक्षा (Education) 2 . स्वाध्याय (Self Realization) 3 . अध्यात्म (Spiritualisation) और 4 .तत्त्वज्ञान ; (True, Supreme & Perfect KNOWLEDGE) अथवा विद्यातत्त्वम् पद्धति ।