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व्यावसायिक शिक्षा का सुदृढ़ीकरण

Strengthening of Vocational Education
आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

शिक्षा में कौशल को जोड़ने और माध्यमिक शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा ...

शिक्षा में कौशल को जोड़ने और माध्यमिक शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा पर नए सिरे से ध्यान केन्द्रित करने पर अधिक बल दिया गया है। राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा अर्हता फ्रेमवर्क (एनवीईक्यूएफ) को राष्ट्री्य कौशल अर्हता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूाएफ) से जोड़ा गया है। इस ग्रुप का उद्देश्य व्यावसायिक अर्हताओं की स्वीकार्यता को बढ़ाने, व्यावसायिक शिक्षा को कार्यान्वित करने में पेश आ रही कठिनाईयों, हॉरीज़ोन्टल और वर्टिकल मोबिलिटी सुनिश्चित करने, शिक्षकों की उपलब्धता संबंधी मुद्दों की जांच करना होगा। कुछ राज्य व्यावसायिक शिक्षा को कारगर तरीके से मुख्य़धारा की शिक्षा में जोड़ रहे हैं। अन्य राज्यों में इसे कैसे अपनाया अथवा अनुकूल बनाया जा सकता है?

फिर से कायम कर देना
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dharma raj
dharma raj 11 साल 2 महीने पहले
Vocational education is bare minimal in india.it is really high time to strengthen vocational education. because in india even after degree ,most of the people are not getting proper jobs. it is very much to do with out education system. I heard that in germany from 8th class only they are given vocational/skill based training in collobaration with industries.so once their basic education is over they are ready with their skills to get jobs .similar thing should be implemented here.
Surya Prakash_6
Surya Prakash_6 11 साल 2 महीने पहले
"गुरुजन बन्धुओं को चाहिए कि सबसे पहले विद्यार्थियों को शिष्टाचार का व्यावहारिक पहलू मजबूत करें ! ‘सत्यं बद्; धर्मं चर ! (सत्य बोलें और धर्म पर रहें-चलें !)’ अध्ययन का मूलमन्त्र होना चाहिये । इसकी व्यावहारिकता पर सबसे कड़ी दृष्टि होनी चाहिये ।
Soumya Kanti Ghosh
Soumya Kanti Ghosh 11 साल 2 महीने पहले
अध्ययन-अध्यापन और ज्ञान पर ही समाज का पूरा भविष्य आधारित है। अध्ययन-अध्यापन और ‘ज्ञान’ समाज सुधार और जीवोद्धार तथा सुखी-सम्पन्न समाज हेतु सर्वप्रथम सबसे महत्त्वपूर्ण एवं सभी के लिए ही एक अनिवार्यतः आवश्यक विधान है । ईमान-सच्चाई-संयम-सेवा अनिवार्य होना चाहिये ! विद्या को कभी भी व्यावसायिक नहीं अपितु लक्ष्यमूलक व्यावहारिक ही होना चाहिए । यह तब ही सम्भव है जब कि ‘पिण्ड और ब्रह्माण्ड’ की यथार्थतः जानकारी के साथ ही दोनों में आपसी ताल-मेल बनाये रखने वाली होनी चाहिए!’’
TARSEM GIRDHAR
TARSEM GIRDHAR 11 साल 2 महीने पहले
आज हर मनुष्य यह तो चाहता है कि देश को महात्मा गांधी लाल बहादुर शास्त्री जैसे देश भक्तों एवं विवेकानंद जैसे धार्मिक महापुरुषों की आवश्क्ता है जो समाज को विकसित कर सकें और भारत देश को पुन: विश्व गुरु का दर्जा दिला सकें परंतु "यह कौन माता पिता चाहता है कि वो महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री और विवेकानंद जैसी महान जीवात्मा मेरे घर में पैदा हों" ? कारण क्या है केवल एक कि आज कि शिक्षा तो विद्या का रूप देना पड़ेगा जिसमे सत्य अहिंसा और धर्म का स्थान होना अनिवार्य है जो लुप्त हो चुका है ।
Avinash Chander
Avinash Chander 11 साल 2 महीने पहले
अध्ययन-अध्यापन और ज्ञान पर ही समाज का पूरा भविष्य आधारित है। अध्ययन-अध्यापन और ‘ज्ञान’ समाज सुधार और जीवोद्धार तथा सुखी-सम्पन्न समाज हेतु सर्वप्रथम सबसे महत्त्वपूर्ण एवं सभी के लिए ही एक अनिवार्यतः आवश्यक विधान है । ईमान-सच्चाई-संयम-सेवा अनिवार्य होना चाहिये ! विद्या को कभी भी व्यावसायिक नहीं अपितु लक्ष्यमूलक व्यावहारिक ही होना चाहिए । यह तब ही सम्भव है जब कि ‘पिण्ड और ब्रह्माण्ड’ की यथार्थतः जानकारी के साथ ही दोनों में आपसी ताल-मेल बनाये रखने वाली होनी चाहिए!’’
Monika Kawadia
Monika Kawadia 11 साल 2 महीने पहले
अध्ययन-अध्यापन और ज्ञान पर ही समाज का पूरा भविष्य आधारित है। अध्ययन-अध्यापन और ‘ज्ञान’ समाज सुधार और जीवोद्धार तथा सुखी-सम्पन्न समाज हेतु सर्वप्रथम सबसे महत्त्वपूर्ण एवं सभी के लिए ही एक अनिवार्यतः आवश्यक विधान है । ईमान-सच्चाई-संयम-सेवा अनिवार्य होना चाहिये ! विद्या को कभी भी व्यावसायिक नहीं अपितु लक्ष्यमूलक व्यावहारिक ही होना चाहिए । यह तब ही सम्भव है जब कि ‘पिण्ड और ब्रह्माण्ड’ की यथार्थतः जानकारी के साथ ही दोनों में आपसी ताल-मेल बनाये रखने वाली होनी चाहिए!’’
RANEESH CHOUDHARY
RANEESH CHOUDHARY 11 साल 2 महीने पहले
Every city should have a center where Teachers of certain disciple can give lectures to students interested for free or with some charges necessary and certain public libraries and practical labs for eg a lab where student learn about sustainable sources of energy and provided with lectures and materials like small turbines,generators so that student can interact with it and make innovations.