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स्किल इंडिया 2.0 की पुनर्कल्पना: भारत में कौशल विकास में सुधार लाने के लिए रचनात्मक विचार एवं सुझाव आमंत्रित

स्किल इंडिया 2.0 की पुनर्कल्पना: भारत में कौशल विकास में सुधार लाने के लिए रचनात्मक विचार एवं सुझाव आमंत्रित
आरंभ करने की तिथि :
Feb 17, 2022
अंतिम तिथि :
Mar 01, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

स्किल इंडिया 2.0 की पुनर्कल्पना: भारत में कौशल विकास में सुधार लाने के ...

स्किल इंडिया 2.0 की पुनर्कल्पना: भारत में कौशल विकास में सुधार लाने के लिए रचनात्मक विचार एवं सुझाव आमंत्रित

विश्वसनीय एवं योग्य कार्य क्षमता की तत्काल आवश्यकता को समझते हुए सरकार ने स्किल इंडिया 2.0 की पुनर्कल्पना की है। वर्कफोर्स को नए अवसर प्रदान करने के लिए भविष्य की जरुरतों के मुताबिक कार्य क्षमता का निर्माण पर फोकस किया गया है ताकि वे एक नए भारत के विकास में अपना योगदान दे सकें

केंद्रीय बजट 2022 से एक नए भारत के दृष्टिकोण को बढ़ावा मिला, जो एक सुदृढ़ कौशल विकास के इकोसिस्टम, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अवसरों में वृद्धि की नींव पर आधारित है। इस सपने को साकार करने एवं कौशल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई पहलों का प्रस्ताव दिया गया है। वे हैं:
उद्योग कनेक्ट: भारत उद्योग 4.0 में प्रवेश कर रहा है तदानुसार उद्योग लिंकेज, मांग-संचालित उद्योग-प्रासंगिक प्रशिक्षण अवसर प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है। स्किल के इस अंतर को कम करने एवं उद्योगों को मांग-आधारित कुशल जनशक्ति प्रदान करेगा, जिससे नई नौकरियों के अवसरों का सृजन होगा।

एनएसक्यूएफ एलाइनमेंटः प्रतिभाओं को मांग के अनुरूप लाने के प्रयास में सरकार, राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (एनएसक्यूएफ) के नवीनीकरण और उभरते उद्योगों के साथ तालमेल बिठाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

डिजिटल कौशल: DESH-stack ई-पोर्टल की शुरुआत से कौशल और आजीविका के लिए डिजिटल इकोसिस्टम को प्रोत्साहन मिलेगा एवं यह एक कौशल से संपन्न देश बनने की दिशा में जटिल समस्याओं का समाधान प्रदान करेगा।

सरकार डिजिटल स्किल इकोसिस्टम को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है क्योंकि एआर/वीआर, मशीन लर्निंग जैसे तकनीकी कौशल और स्वचालित प्रणालियों सहित डेटा के साथ काम करने की क्षमता वर्तमान समय में अनिवार्य हो गई है।

फसल मूल्यांकन, भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन शक्ति और किसान ड्रोन के इस्तेमाल के साथ, देश आज भविष्य की मांग के अनुसार अत्याधुनिक दुनिया में प्रवेश के लिए तैयार है। ड्रोन और आधुनिक कृषि-तकनीक दोनों क्षेत्रों के लिए असंख्य अवसर प्रदान करेंगे: प्रौद्योगिकी और कृषि आधुनिकीकरण कंपनी दोनो के लिए एक पारस्परिक रूप से लाभकारी इकोसिस्टम।

देश को विश्व की कौशल राजधानी बनाने का संकल्प पूरा करने के लिए कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय सभी भारतीय नागरिकों से उनके सर्वोत्तम विचार और सुझाव आमंत्रित करता है

प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 1 मार्च 2022 है।

फिर से कायम कर देना
139 सबमिशन दिखा रहा है
Prathu
Prathu 4 साल 4 महीने पहले
1- Create DIY kits for nursery kids to inculcate the innovation and creativity early in life. 2- Start crowd funded tech villages to bring technology to where it needed most. 3-Start teaching MSME policy and procedures in higher secondary (12th) class. 4-Ask MSME department to hold annual college visits to promote technological advancement of poor people. 5-Start explaining Patent process to graduation education irrespective of subject.
Kuldeep Shukla
Kuldeep Shukla 4 साल 4 महीने पहले
शिक्षा की गुणवत्ता व टेक्नोलॉजी की पढ़ाई पर इमानदारी से पहले करनी होगी। कुटीर व गृह उद्योगों को बढ़ावा देना होगा।
Yashwant Kumar sahu
Yashwant Kumar sahu 4 साल 4 महीने पहले
भारत को तकनीकी राष्ट्र बनाने के उपाय निम्न है- 1. राष्ट्रीय तकनीकी अनुसंधान का गठन सभी राज्यों एवं आवश्यकता वाले स्थानों में किया जाना चाहिए। जैसे भारत देश में पूर्व में संचालित है। 2. इसके लिए विशेष टीम का गठन किया जाना चाहिए। एवं आवश्यकतानुसार अन्य कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। 3. तकनीकी माध्यम से कुछ रहस्यों का रिकार्ड रखना चाहिए। जैसे विदेशी हमारे देश पर आक्रमण न दे इसके लिए तकनीकी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री एवं अन्य विशेष व्यक्ति कहीं दौरा पर जाते है तो वहाॅं पर तकनीकी का उपयोग किया जाना अति आवश्यक है। 4. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान की तरह अन्य मुख्यमंत्रियों को भी अपने -अपने राज्य में इसके स्थापना के लिए स्थान उपलब्ध कराया जाना हितकर रहेगा। 5. तकनीकी के अधिक उपयोग के लिए अन्य देशों के तकनीकी संगठनों से जानकारी विचार विमर्श करना जो हमारे लिए हितकर रहेगा उसका अनुपालन करना चाहिए। 6. तकनीकी के ज्ञाता से मुलाकात करके तकनीकी को कैसे सुधारा जा सके जानकारी लेकर नया स्टार्टअप कर सकते हैं। क्योंकि आवश्यकता अविष्कार की जननी है।
kuldeep mohan trivedi
kuldeep mohan trivedi 4 साल 4 महीने पहले
प्रधानमंत्री जी विशाल मानव संसाधन और लचर तन्त्र के कारण कौशल विकास जैसी योजनाओ का लाभ आमजन को नही मिलता।जबकि बजट हर वर्ष जारी हो रहा है।मेरा आप से अनुरोध है।सबसे पहले सक्रिय और जवाबदेह प्रशासनतन्त्र बनाने की ओर ध्यान दिया जाना चाहिये।जो भी योजनाये बने।उनका जमीनी कार्यान्वयन होना चाहिये।