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आरंभ करने की तिथि :
Mar 12, 2020
अंतिम तिथि :
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jenisha v
5 साल 7 महीने पहले
Fundamental duty help promote spirit of patriotism and uphold unity of India.It is a basic human rights of all citizens.The purpose of fundamental right to preserve individual liberty and democratic principles based on equality of all members of the society.
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ABHISEK PANDA
5 साल 7 महीने पहले
The Constitution of India is the supreme law of India. The document lays down the framework demarcating fundamental political code, structure, procedures, powers, and duties of government institutions and sets out fundamental rights, directive principles, and the duties of citizens. Wikipedia
Signatories: 284 members of the Constituent Assembly
Last amended: 25 January 2020 (104th)
Date effective: 26 January 1950; 70 years ago
Amendments: 104
System: Federal Parliamentary Constitutional Rep
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Govind Sharma
5 साल 7 महीने पहले
26 नवंबर 2020 संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
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jatindrall
5 साल 7 महीने पहले
Duty of any person of the country in his/her any age group is a must to do responsibility of that person towards his/her country. There is no any particular time which will call anyone to perform the duty towards country however it is the birth rights of every Indian citizen to understand and perform all the duties towards their country as daily routine . There is no age limit to do work for country
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JAGESHWAR CHOURE
5 साल 7 महीने पहले
Happy constitution day
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Abhishek kumar yadav
5 साल 7 महीने पहले
this is good step
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Chaturbhuj Tembhare
5 साल 7 महीने पहले
यही है हमारा भारतीय संविधान ।
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
गुरु तेग बहादुर जी
जब जब हम इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, तो हमें उनमें एक से एक शूरवीरों के नाम मिलते हैं। जिन्होंने क्रूर ताकतों के विरुद्ध अदम्य साहस का परिचय दिया।यहाँ तक कि अपने दृढ़ संकल्प को पूरा करने के लिए वो अपने प्राण न्योछावर करने से भी पीछे नहीं हटे।
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
आज की वीरगाथा, एक ऐसे ही शूरवीर की है जिन्होंने धर्म के लिए अपना शीश कटा लिया लेकिन डरकर इस्लाम नहीं कबूल किया।
आज की कहानी है सिखों के नौवें गुरु, "गुरु तेग बहादुर" जी की, _जिन्होंने धर्म की रक्षा करने के औरंगज़ेब से लोहा लिया और अपने जीवन के अन्तिम समय तक उसके सामने झुके नहीं।_ तो आइए पढ़ते हैं हिन्द दी चादर, गुरु तेग बहादुर के बारे में। (गुरु तेग बहादुर के बलिदान के चलते उन्हें 'हिंद दी चादर' के नाम से भी जाना जाता है)
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Abhey Kumar Rajput
5 साल 7 महीने पहले
सिखों के 8वें गुरु हरिकृष्ण राय जी की अकाल मृत्यु हो जाने की वजह से गुरु तेगबहादुर जी को गुरु बनाया गया था। मात्र 14 वर्ष की आयु में अपने पिता के साथ मुगलों के हमले के खिलाफ हुए युद्ध में उन्होंने अपनी वीरता का परिचय दिया। इस वीरता से प्रभावित होकर उनके पिता ने उनका नाम तेगबहादुर यानी तलवार के धनी रख दिया। उनके जीवन का प्रथम दर्शन यही था कि धर्म का मार्ग सत्य और विजय का मार्ग है।शांति, क्षमा, सहनशीलता के गुणों वाले गुरु तेग बहादुरजी ने लोगों को प्रेम, एकता व भाईचारे का संदेश दिया।
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